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up polytechnic entrance exam date 2021, up polytechnic admit card 2021


डीयर स्टूडेन्ट्स अगर आप ये 400 क्वेश्चन पाँच बार केवल मन से पढ लेते हैं तो निश्चित रुप से 5 से 6 क्वेश्चन परीक्षा मे फँस जायेंगे। तो नीचे से पढ़ना प्रारम्भ कीजिये।


1- K कोश में समायोजित किए जा सकने वाले इलेक्ट्रोंनों की अधिकतम संख्या 2 होती हैं।
2- बड़े परमाणुओं वाले तत्वों से बने बंध बहुत कमजोर होते हैं।
3- क्लोरीन का अणु अध्रुवीय सहसंयोजक बंध प्रदर्शित करता है।
4- हीलियम (He) , नियॉन (Ne) तथा आर्गन के बाह्मतम कक्ष पूर्णतया भरे होते हैं।
5- हाइड्रोजन को छोड़कर सभी परमाणुओं में न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं।
6- न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के अनुसार लौह जो गुणों में CO और Ni जैसा दिखता है, इन तत्वों से बहुत दूर रखा गया है।
7- परमाणु आकार परमाणु त्रिज्या द्वारा निर्धारित काया जाता है।
8- परमाणुओं की प्रकृति की व्याख्या के लिए पदार्थ की विभाज्यता का सिध्दांत डॉल्टन ने प्रतिपादित किया था ।
9- आक्सीजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,6 होता है।
10-M शेल में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉनों को समायोजित किया जा सकता है।
11- बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन्स की संख्या को संयोजक इलेक्ट्रॉन कहा जाता है।
12- हीलियम और आर्गन में समानता है कि, दोनों का बाह्यतम कोश पूर्णतः भरा होता हैं।
13- कार्बन डाइआक्साइड के सभी नमूनों में कार्बन तथा आक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात 3-8 है।
14- एक परमाणु के किसी अन्य तत्व के परमाणु से बंधे होने पर इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की सापेक्ष प्रवृत्ति को वैद्युतीय श्रृणात्मकता कहा जाता है।
15- धातु में एक मुक्त इलेक्ट्रॉन के पथ का आकार वक्र होता है।
16- आर्गन तत्व में तीन कक्ष होते है, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनों से भरे होते है।
17- 2,8,8 इलेक्ट्रॉनिक विन्यास वाला तत्व आधुनिक आवर्त सारणी के 18वें समूह में स्थित होगा ।
18- धातुओं में उनकी बाहरी कक्षा में 1 से 4 संयोजक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
19- सल्फर त्रि- परमाणुक है।
20- सभी तत्वों के सापेक्ष परमाण्विक द्रव्यामान C- 12 के एक परमाणु के संबंध में पाए गए हैं।
21- परमाणु बलों के सिध्दांत की खोज हिडेकी युकावा ने की थी ।
22- डॉल्टन का सिध्दांत रासायनिक संयोजन नियम पर आधारित था।
23- ठोस कोयला को तरल हाइड्रोकार्बन में परिवर्तित करने वाली प्रक्रिया को ‘द्रवीकरण’ कहते हैं।
24- अमोनिया में नाइट्रोजन की संयोजकता 3 होती है।
25- सूर्य में परमाणु संलयन प्रतिक्रियाएं स्वचालित रूप से होती है।
26- मैग्नीशियम का परमाणु क्रमांक 12 (विन्यास 2,8,2) है।
अतः यह 2 इलेक्ट्रॉनों के त्याग द्वारा +2 संयोजकता प्रदर्शित करेगा ।
27- नियॉन (Ne) तत्व में दो कक्ष होते है, जो पूर्ण रूप से भरे होते हैं ।
28- आर्गन एक परमाणुक हैं ।
29- क्षार, पानी में हाइड्रोजन आयन नहीं उत्पन्न करते हैं।
30- अमोनियम क्लोराइड के एक अणु में 6 परमाणु होते हैं।
31- परमाणु संख्या 11 (Na) वाला तत्व क्षारीय आक्साइड बनाएगा।
32- किसी यौगिक की सबसे छोटी संभव इकाई को ‘अणु’ कहा जाता है।
33- ‘पदार्थ के विभाजन’ के विचार को भारत में लंबे समय से माना जाता था।
34- सबसे बड़ा आयन का आकार P का है, क्योंकि इस पर – 3 का ऋणात्मक आवेश होता है, जबकि Cl व S पर क्रमशः -1 व -2 का आवेश होता है और Ar पर कोई आवेश (आयन) नही होता हैं।
35- pH = 0 विलयन अधिक अम्लीय होगा।
36- यदि एक तत्व का परमाणु क्रमांक 15 है, तो इसके रासायनिक गुण नाइट्रोजन (N 7) तत्व के समान होगें।
37- 150 ग्राम पानी में 50 ग्राम चीनी घोलकर बनाए गए विलयन में द्रव्यमान प्रतिशत के जरिए द्रव्यमान का सांद्रण 25 प्रतिशत होगा।
38- एक पदार्थ के घनत्व को द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन के रूप में परिभाषित किया जाता है।
39- वर्ग में एक ओर से दूसरू ओर जाने पर तत्वों के संयोजी इलेक्ट्रॉनों में वृध्दि होती है।
40- A. डॉल्टन – तत्वों हेतु सर्वप्रथम चिन्हों का प्रयोग करने वाला 1. 10-10m - हाइड्रोजन का परमाणु 2. कैलियम – पौटैशियम का लेटिन नाम 41- यदि किसी दिये गए परमाणु की संख्या 17 है, तो उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,7 होगा।
42- आयनीकरण ऊर्जा की इकाई KJmol-1 है।
43- एक समूह में, संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान रहती है।
44- कार्बन का 14C समस्थानिक रेडियोधर्मी होता है और इसका उपयोग रेडियो- कार्बन डेटिंग के लिए किया जाता है।
45- परमाणु क्रमांक 56 वाला तत्व S ब्लॉक से संबंधित है।
46- सांद्र साइट्रिक अम्ल और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का 1-3 के अनुपात में मिश्रण ‘एक्वा- रेजिया’ कहलाता है।
47- C6H14 के 5 समावयवी (ISO mers) हैं।
48- संहसंयोजित बांडेड अणुओं में इंटरमोल्यूलर बल कमजोर होते हैं, अतः इनके निम्न गलनांक और क्वथनांक बिंदु होते हैं।
50- बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन्स की संख्या को संयोजक इलेक्ट्रॉन कहा जाता है।
51- कार्बन विभिन्न रूपों में मौजूद हो सकता हैं।
52- किसी तत्व का गुणधर्म उसके परमाणु क्रमाकं पर निर्भर करता है।
53- 6 इलेक्ट्रानों संख्या N2 में आबंध बनाने में भाग लेते हैं।
54- सबसे बाहरी आर्बिट में AS, Bi में इलेक्ट्रॉन की संख्या एक समान होती है।
55- इथेन में, प्रत्येक कार्बन परमाणु पांच परमाणु से बंधे होते है।
56- डेमोक्रिटस ने बताया कि ब्रम्हांड में सब कुछ परमाणुओं से बना है।
57- इलेक्ट्रॉन सेल की सतत वृध्दि के कारण किसी समूह में परमाणु त्रिज्या में वृध्दि होती है।
58- हैलोजन तत्वों के बाह्यतम कोश में 7 संयोजक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
59- फॉस्फोरस (P4) विषमपरमाणुक अणु नही है, जबकि कार्बन डाइआक्साइड (CO2), मीथेन (CH4) और अमोनिया (NH3) विषम परमाणुक अणु हैं।
60- फॉस्फोरस की परमाण्विकता ‘चतुःपरमाणुक ’है।
61- अल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते है,जिनमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच एक बंध पाया जाता है और जिसका सामान्य सूत्र CnH2+2 होता है।
62- यदि आक्सीजन के 1 मोल परमाणु का वजन 16 ग्राम है, तो ओजोन का अणु भार 48 ग्राम/मोल होगा।
63- प्रोटॉन में 1.6 10-19धनात्मक आवेश होता है।
64- किसी तत्व के परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या इसके परमाणु क्रमांक के बराबर होती है।
65- आधुनिक आवर्त सारणी के समूह-1 तथा समूह-7 के तत्वों की परमाणु त्रिज्या नीचे की ओर जाने (अर्थात परमाणु क्रमांक की वृध्दि ) के साथ बढ़ती है।
अर्थात इन तत्वों में परमाणु क्रमांक वृध्दि के साथ परमाणु आकार भी बढ़ता हैं।
66- रदरफोर्ड परमाणु मॉडल में अल्फा कण स्वर्ण झिल्ली पर प्रवाहित किए जाते हैं।
67- संतुलित रासायनिक समीकरण के दोनों पक्षों में अर्थात अभिकर्मकों तथा उत्पादों में तत्वों के परमाणुओं की संख्या बराबर होती है।
68- कार्बन द्वारा मजबूत बंध का कारण इसका छोटा आकार हैं।
69- मैग्नीशियम की परमाणु संख्या 12 है।
अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,2 होगा।
अतः मैग्नीशियम 2 इलेक्ट्रॉन त्याग कर +2 संयोजकता प्रदर्शित करता हैं।
70- नाभिकीय ऊर्जा एक ऐसी ऊर्जा है, जो प्रत्येक परमाणु में अंतर्निहित है।
71- सभी मौजूदा नाभिकीय ऊर्जा संयन्त्रों में विखण्डन का प्रयोग किया जाता है।
72- परमाणु रियेक्टरों में प्रयुक्त ईधन यूरेनियम है।
73- परमाणु रियेक्टर के अन्दर यूरेनियम परमाणु नियन्त्रित श्रृंखला अभिक्रिया द्वारा विखण्डित किये जाते हैं।
74- मंदक न्यूट्रानों की गति को मंद करता है।
75- भारी जल (D2O) ग्रेफाइट या बेरीलियम आक्साइड का प्रयोग मंदक के रुप में किया जाता है।
76- भारी जल का सर्वोत्तम मंदक माना गया है।
77- प्राकृतिक रेडियोएक्टिवता की खोज 1896 ई में फ्रांसीसी वैज्ञानिक हेनरी बेकरल ने किया था।
78- सूर्य में ऊर्जा का निरन्तर सृजन नाभिकीय संलयन के कारण होता है।
79- हाइड्रोजन बम एडवर्ड ट्रेलर ने विकसित किया था।
80- पदार्थ का परमाणु सिद्धान्त डाल्टन ने प्रतिपदित किया।
इस नियम के अनुसार पदार्थ अत्यन्त छोटे-छोटे अविभाज्य कणों से मिलकर बना होता है, जिन्हें परमाणु कहते हैं।
81- दो न्यूट्रॉनों के बीच आकर्षण बल निम्न होते हैं-(1) गुरुत्वीय बल (2) नाभिकीय बल 82-इलेक्ट्रॉन एक ऋण -आवेशित कण है, जिसकी खोज जे. जे. थॉमसन ने कैथोड किरणों में की।
83- कैथोड किरणें इलेक्ट्रॉनों की धाराएं होती हैं ।
84- सर्वाधिक वैद्युत ऋणात्मक तत्व फ्लुओरीन है, जबकि सर्वाधिक वैद्युत धनात्मक तत्व फ्रॉन्शियम है ।
85- किसी तत्व के रासायनिक गुण नाभिक के बाहर विचरण करने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या द्वारा तय किए जाते है।
86- वे तत्व जिनके प्रोटॉनों की संख्या या परमाणु क्रमांक समान और न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, उसे समस्थानिक कहते हे।
87- परमाणु का संघटन करने वाले तीन मौलिक कण इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन हैं ।
88- प्रोटॉन एक धनावेशित कण है, जबकि इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित कण है।
89- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित न्यूट्रॉनो की संख्या का योग उसकी द्रव्यमान संख्या है।
90- नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु क्रमांक कहते हैं।
91- कैथोड किरणों को इलेक्ट्रॉन की धारा भी कहा जाता है।
92- y- किरणों में पदार्थ कण नहीं होते हैं ।
93- जब मुख्य क्वांटम अंक का मान 4 हो तो आर्बिटल क्वांटम न. 1 के संभावित मान 0,1,2तथा 3 होगें ।
94- हाइड्रोजन की खोज हेनरी कैवेंडिश ने की थी।
95-उच्च समृद्ध यूरेनियम, जिसमें लगभग 90% U-235 होता है, का प्रयोग नाभिकीय हथियारों को बनाने में किया जाता है।
96- परमाणु विस्फोट में अधिक मात्रा में ऊर्जा निकलने का कारण रासायनिक ऊर्जा का तापीय ऊर्जा में परिवर्तन है।
97- किसी तत्व के एक परमाणु की द्रव्यमान संख्या 23 एवं परमाण्विक संख्या 11 है, तो उसमें 11 प्रोटॉन, 12न्यूट्रॉन एवं 11 इलेक्ट्रॉन होंगे।
98- प्रमुख पदार्थो का pH मान पदार्थ pH मान शराब 2.8 -3.8 दूध 6.5 -6.7 समुद्री जल 7.5 - 8.4 मूत्र 4.5 - 8.4 सिरका 2.5 -8.0 लार 6.5 -7.5 नींबू रस 2.2 -2.4 रक्त 7 .4 बीयर 4.0 - 5.0 टमाटर का रस 4. 0 - 4.4 शुद्ध जल 7 99-हाइड्रोजन परमाणु में प्रोटॉन, इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रान और न्यूट्रॉन क्रमशः 1,1 ,0 हैं ।
100-यदि किसी तत्व की परमाणु संख्या 17 है, तो इस परमाणु के प्रत्येक शेल तथा सबशेल में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2,8,7 होगी।
101- एक शैल (पत्थर) के पीले अथवा लाल रंग में परिवर्तित होने का कारण आक्सीकरण ( आक्सिडेशन) हैं ।
102- जल का क्वथनांक अधिक होता है, क्योकि इसके अणु हाइड्रोजन आबंध से बंधे होते हैं ।
103- तत्व की कर्णशक्ति के निर्धारण में किसी तत्व की परमाणु संख्या सहायता नहीं करती ।
104- हाइड्रोजन में, एक इलेक्ट्रॉन लेकर हीलियम का विन्यास प्राप्त करने की प्रवृत्ति होती है।
इस प्रवृत्ति की समानता हैलोजन समूह से रखता है।
105- इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन पदार्थ के स्थायी मूल कण है।
पॉजिट्रान, न्यूट्रिनो, एंटी न्यूट्रिनो तथा मेसान अस्थायी कण है।
106- आवर्त सारणी में क्लोरीन तत्व की इलेक्ट्रॉन बंधुता सबसे अधिक है।
107- CO2 में बंध कोण अधिकतम हैं।
108- ‘ एक परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनो की चारों क्वांटम संख्याएं समान नहीं हो सकती।
’ यह नियम पाउली से संबंधित है।
109- ‘ रबर के वलकनाइजेशन की प्रक्रियां’ का आविष्कार चार्ल्स गुडईयर ने किया था ।
110- SO2 में वैद्युत संयोजन एवं संहसंयोजन बंध होते हैं।
111- Fe3 O4 में लौह की संयोजकता 2 और 3 प्रदर्शित होती है।
112- नाभिक के अलावा, डीएनए माइटोकॉन्ड्रिया में भी पाया जाता है।
113- हाइड्रोकार्बन आटोमोबाइल्स से उत्पन्न प्रमुख प्रदूषक है।
114- किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के दौरान अणुओं के बीच इलेक्ट्रान का आदान- प्रदान होता है।
115- आधुनिक परमाणु सिद्धांत का प्रणेता जॉन डॉल्टन को माना जाता हैं।
116- साबुनों का हाइड्रोकार्बन के रूप में वर्गीकण किया जा सकता हैं।
गैसें तथा उनके नियम 117- गैसों में विसरण अत्यधिक तीव्रता से होता है।
118- कार्बन, नाइट्रोजन, आक्सीजन और फ्लोरीन के द्वितीय आयतन विभव का सही क्रम O>F> N>C हैं।
119- अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन, द्रव्यमान के अनुसार हमेशा 14:3 के अनुपात में मौजुद रहते हैं।
120- आवर्त सारणी में न्यूनतम अभिक्रियाशील तत्व निष्क्रिय अथवा अक्रिय गैसें हैं ।
121- सूरज की रोशनी की उपस्थिति में Cl2 को अधिक तीव्र गैस अभिक्रिया में हाइड्रोकार्बन में मिलाया जाता है ।
122- हाइड्रोजन को छोड़कर सभी परमाणुओं में न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं।
123- आक्सीजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2 ,6 होता है ।
124- CO का आणविक द्रव्यमान ( C=12, O=16, CO=12+ 16 =28) 28 हैं।
125- गैसों का संपीड़्यता का गुण इन्हें सुवाह्या बनाया हैं ।
126- गैसों के विसरण की दर उनके आयतन पर निर्भर करती है।
127- जब एक धातु पानी के साथ अभिक्रिया करती है, तो हाइड्रोजन गैस निकलती हैं।
128- पारा कक्षीय तापमान पर द्रव अवस्था में होता है।
129- यदि हम तापमान कम करते हैं और दाब बढाते है, तो हम वायुमंडलीय गैसों को द्रवीय अवस्था में बदल सकते हैं।
130- प्रोपेन मिश्रण कम प्रतिक्रिया करने वाला है।
131- नाइट्रोजन गैस का उपयोग चिप्स को आक्सीकृत होने से रोकने के लिए किया जाता है।
132- सीएनजी का मुख्य घटक मीथेन है, जो सामान्यतः 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक होती है।
133- ‘मीथेन’ , हाइड्रोकार्बन का एक उदाहरण है।
134- पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति से पहले पृथ्वी के वायुमंडल में हाइड्रोजन, कार्बन डाइआक्साइड , अमोनिया और मीथेन का मिश्रण था ।
135- जब जस्ता , हाइड्रोक्लोरिक आम्ल के साथ क्रिया करता है, तो हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
136- आक्सीजन गैस उस समय अपनी मुक्त अवस्था में मौजूद नहीं थी, जब पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न हुआ था 137- वाष्पीकृत कार्बन को निष्क्रिय गैस के वातावरण में घनीभूत करने से फुलेरेन (कार्बनका अपररूप ) बनता है।
138- उत्कृष्ट गैसें (अक्रिय गैसें ) आधुनिक आर्वत सारणी के समूह 18 के तत्व हैं।
139- क्रिप्टॉन एक निष्क्रिय गैस है ।
140- आर्गेनेसाँन, आर्गन, क्लोरीन तथा जीनॉन में से क्लोरीन नोबल गैस नहीं हैं।
141- हैलोजनों में आयोडीन, एस्टेटीन ठोस , ब्रोमीन तरल तथा फ्लुओरीन, क्लोरीन गैस होती है।
142- नाइट्रस आक्साइड जिसे प्रायः ‘लाफिंग गैस’ कहते है, एक रासायनिक अकंर्बनिक यौगिक हैं।
143- वायुमंडल में नाइट्रोजन सबसे अधिक 78.095%, आक्सीजन 20.936% , कार्बन डाइआक्साइड 0.031%, और उत्कृष्ट गैसें 0.937% होती हैं।
144- रेडान को छोड़कर अन्य सभी उत्कृष्ट गैसें वायुमंडल में पाई जाती हैं।
145- आर्गन वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली निष्क्रिय गैस है।
इसकी खोज लॉर्ड रेले ने की थी ।
146- पाइप्ड प्राकृतिक गैस का मुख्यतः प्रयोग पकाने (भोजन बनाने ) के लिए तथा घरों में प्रयोग होने वाले गैस गीजरों में किया जाता हैं ।
147- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड अमोनिया का जलीय विलयन है, जो कि क्षारीय होता है।
अतः यह लाल लिटमस को नीला कर देता है।
148- हाइड्रोजन एसिड ( अम्ल) का आवश्यक घटक है।
149- आक्सीजन आदर्श गैस नही हैं।
150- वातावरण में कार्बन डाइआक्साइड लगभग 0.04% है।
151- खाने के सोडे पर जब रस गिराया जाता है, तो कार्बन डाइआक्साइड गैस के उत्सर्जन से बुदबुदाहट होती है ।
152- वायु में पाई जाने वाली प्राणदायक गैस आक्सीजन है, जिससे हम सांस लेते है।
वायुमंडल में इसकी प्रतिशतता 21% है।
153- वाटर गैस को सफेद तप्त कोक पर वाष्प प्रवाहित करके बनाया जाता हैं।
154- सोडियम कार्बोनेट को गर्म करने पर कार्बन डाइआक्साइड गैस बाहर निकलती है।
155- सल्फर , कार्बन डाइसल्फाइड में आसानी से घुल जाता हैं।
156- भोपाल गैस त्रासदी (1984) , का संबंध मिथाइल आइसोसायनाइट गैस सें हैं।
157- अमोनिया गैस को हवा को नीचे की ओर विस्थापन से एकन्त्र किया जाता है ।
158- गैस के अणु अनियमित विन्यास में अनियमित गति करते हैं।
159- ‘कसीस का तेल’ सल्फ्यूरिक अम्ल कहलाता हैं।
160- अम्ल में कम-से -कम एक हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
अम्ल के विस्थापनीय हाइड्रोजन परमाणुओँ को इसकी क्षारता कहा जाता है।
161- हाइड्रोजन सबसे हल्की गैस हेती है, अतः इससे भरा गुब्बारा जब वायुमंडल में छोड़ा जाता है, तो यह गुब्बारा ऊपार की ओर उठता हैं।
162- सबसे अधिक दहनशील गैस हाइड्रोजन है।
163- चार जारों में क्रमशः O2, CO2, H2 और N2 गैसें भरी हैं ।
चूने के पानी से गैस को गुजार कर इन चार गैसों की पहचान की जा सकती हैं।
164- हीरा के जलने से कार्बन डाइआक्सीइड गैस निकलती है।
165- ब्रोमीन उत्कृष्ट गैस नहीं हैं ।
166- कार्बन मोनोक्साइड की अभिक्रिया 3000c पर H2 से कराने पर मीथेन बनती है।
167- ‘कोलगैस ’ H2 + CH4 +CO को कहते हैं ।
168- कमरे के तापमान एवं दाब पर फलोरीन तथा क्लोरीन गैसे हैं, ब्रोमीन एक द्रव हैं तथा आयोडीन एक ठोस है।
169- हीलियम ग्रीन हाउस गैस नही हैं।
170- हाइड्रोजन अक्रिया गैस नहीं हैं।
171- संपीडित प्राकृतिक गैस का घनत्व कम होने के कारण इसके बड़े आयतन को छोटे सिलिंडर में भरकर उपलब्ध कराया जाता है।
172- धान के खेतों से CH4 गैस मुक्त होती है ।
173- CO2 N2O, CH4, CFC ( क्लोरो – फ्ळोरो कार्बन ) आदि सभी ग्रीन हाउस गैसे हैं ।
174-क्लोरो -फ्लोरो कार्बन को फ्रेआन नाम से भी जाना जाता है ।
175- जब कार्बन को अपर्याप्त आक्सीजन में जलाया जाता हैं, तो कार्बन मोनोक्साइड गैस प्राप्त होती है।
176- इथेनॉल का सूत्र C2H5OH है।
177- इथेन एक संतृप्त हाइड्रोकर्बन है।
178- पानी के एक अणु में हाइड्रोकार्बन हैं।
179- पानी के एक अणु में हाइड्रोजन और आक्सीजन (H : O) का अनुपात 2 : 1 होता हैं ।
180- COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल क्रियत्मक समूह में उपस्थित है।
181- एल्केन, एल्कीन , एल्काइन हाइड्रोजन परमाणुओ का सही अवरोही क्रम दर्शाता हैं ।
182- आधुनिक आवर्त सारणी में पोलोनियम अंतिम उपधातु है।
183- त्रिबन्ध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन यौगिकों को एल्काइन कहते हैं।
इनका सामान्य सूत्र CnH2n-n होता है।
184- आवर्त सारणी में न्यूनतम अभिक्रिया शील तत्व निष्क्रिय अथवा अक्रिय गैसें हैं।
185- जो हैलोजन परमाणु अन्य तत्वों के दो परमाणुओं के बीच एक सेतु के रुप में कार्य करते हैं, उन्हें बहुलक हैलाइड्स कहते हैं।
186- जल में हाइड्रोजन और आक्सीजन का अनुपात 1:8 होता है।
187- सल्फर का परमाणु क्रमांक 16 है इसका इलेक्ट्रानिक विन्यास 2, 8, 6 है।
188- आधुनिक आवर्त सारणी में परमाणु संख्या 19 से 36 वाले तत्व चौथे आवर्त में रखे गये हैं।
189- आधुनिक आवर्त सारणी मे 32 तत्व हैं।
190- आधुनिक आवर्त सारणी में परमाणु संख्या 58 से 71 तक के तत्वों को लैन्थेनाइड्स कहा जाता है।
191- वर्जीलियस वैज्ञानिक ने सुझाव दिया था कि तत्वों के प्रतीकों का निर्माण तत्व के नाम के एक या दो अक्षरों से किया जा सकता है।
192- परमाणु संख्या 4 वाले तत्व के रासायनिक गुण मैग्नीशियम के समान होते हैं।
193- सोडियम कार्बोनेट का रासायनिक सूत्र Na2CO3 है।
194- संतृप्त हाइड्रोकार्बन को एल्कीन कहा जाता है।
195- कार्बन विभिन्न रुपों में मौजूद हो सकता है ।
196- डी-ब्लाक के तत्वों को संक्रमण तत्वों के नाम से भी जाना जाता है।
197- आधुनिक आवर्त सारणी के साथ एच जे मोसले का नाम जुड़ा हुआ है।
198- आक्सीजन के सम्बन्ध में हैलोजन समूह की अधिकतम संयोजकता 7 है।
199- समूह 18 में अक्रिय गैसे होती हैं।
200- परमाणु संख्या 57 डी ब्लाक तत्व से सम्बन्धित है।
201- प्रत्येक आवर्त के अन्त में संयोजी सेल पूर्ण रुप से भरा हुआ होता है।
202- हाइड्रोजन और हीलियम को पहले आवर्त में रखा गया है।
203- आधुनिक आवर्त सारणी में जिगजैग रेखायेँ अधातुओं से धातुओं को अलग करती हैं।
204- मेंडलीफ का नियम बताता है कि तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन होते हैं।
205- वर्ग 3 आवर्त 6 में लैंथेनम के साथ स्थित तत्वों को लैंथेनाइड्स कहते हैं।
206- ब्यूटेनाल समूह में -OH एक कार्यात्मक समूह के रुप में होता है।
207- आधुनिक आवर्त सारणी का वर्गीकरण 7 आवर्त और 18 समूह में किया गया है।
208- नेप्ट्यूनियम एक संक्रमण धातु नही है, जबकि रेनियम टैक्निश्यम एक संक्रमण धातु हैं।
209- मेंडलीफ की आवर्त सारणी में Sc, Ga और Ge तत्व समूह को तालिका में बाद में जगह मिली ।
210- चौथे और पाँचवे आवर्त में 18 तत्व हैं।
211- परमाणु क्रमांक 17 वाला क्लोरीन तत्व 35 परमाणु क्रमांक के तत्व के (ब्रोमीन) के समान विशेषतायें रखेगा।
212- आवर्त सारणी के आवर्त 4 में निष्क्रिय गैस क्रिप्टान को रखा गया है।
213- आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व के धात्विक गुण आवर्त में बाँये से दाँये और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ता है।
214- आवर्त सारणी के शून्य समूह में शामिल तत्व रंगहीन, स्वादहीन और गंधहीन गैसें हैं।
215- आवर्त सारणी के चौथे आवर्त में 18 तत्व उपस्थित होते हैं।
216- प्लास्टर आप पेरिस का रासायनिक नाम कैल्सियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है।
217- कैल्सियम का परमाणु द्रव्यमान 40 है।
218- आवर्त सारणी का आविष्कार दिमित्री मेंडलीव ने किया था।
219- आयोडीन, समूह 17 का सबसे कम अभिक्रियाशील मूल तत्व है।
220- यौगिक CH3-CH3 का रासायनिक नाम एथेन है।
221- -C=C- एल्केन को दर्शाता है।
222- जेनान अक्रिय गैस को आवर्त सारणी के 5वें आवर्त में रखा गया है।
223- आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त में सबसे छोटे आकार वाला तत्व आर्गन (Ar) है।
224- प्रथम आवर्त के दोनों तत्वों में k कोश में संयोजी इलेक्ट्रान उपस्थित होते हैं।
225- न्यूलैण्ड्स के अष्टक के नियम अनुसार तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखने पर प्रत्येक आठवाँ तत्व पहले तत्व से संगीत के स्वरों के आवर्तन की तरह समानता रखता है।
226- संक्रमण तत्वों द्वारा परिवर्तनीय संयोजकता प्रदर्शित की जाती है।
227- आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्त 6 और 7 में लैन्थेनाइड्स और एक्टिनाइड्स होते हैं।
228- आधुनिक आवर्त सारणी के पहले तीन आवर्त को लघु आवर्त कहते हैं।
229- मौजली ने आधुनिक आवर्त सारणी का प्रस्ताव दिया ।
230- परमाणु संख्या 13 और 31 वाले तत्वों का युग्म समान समूह से संबंधित है।
231- Ca प्रकृति में एक मुक्त तत्व के रुप मे कभी नही पाया जाता है।
232- आधुनिक आवर्त सारणी में 2, 8, 3 इलेक्ट्रानिक विन्यास वाले तत्व को आवर्त 3 में रखा गया है।
233- Si, Mg, Na, Al का आयन सबसे बड़ा होता है।
234- आवर्त सारणी के पहले समूह के तत्वो को क्षार धातुएं कहा जाता है।
235- 3 से 12 समूह से सम्बन्धित तत्वों को डी ब्लाक तत्व के रुप में जाना जाता है।
236- मेंडलीव की आवर्त सारणी के समय आदर्श गैसों की खोज नही हुई थी।
237- बेकिंग सोडा एक ऐसा क्षार है जो क्रिस्टलीयकरण में पानी नही रखता है।
238- लैन्थेनाइड्स और एक्टिनाइड्स f- ब्लाक के तत्व हैं।
239- आधुनिक आवर्त सारणी में इलेक्ट्रानिक विन्यास 2, 8, 1 वाले तत्व को समूह 1 में ऱखा गया है।
240- तत्वों के गुणों का सुविधाजनक ढंग से अध्ययन करने के लिये तत्वों का वर्गीकरण किया गया है।
241- चाँदी, पोटैशियम, सोडियम और शीशा में सबसे कम सक्रिय चाँदी है।
242- 17वें समूह के तत्वों को हैलोजन कहा जाता है।
243- कार्बनिक पदार्थ के विघटन द्वारा पृथ्वी की सतह के नीचे निर्मित ईंधन को ‘जीवाश्म ईंधन’ कहा जाता है।
244- आर्गन समूह 17 से सम्बन्धित नही है।
यह समूह 18 से सम्बन्धित है।
245- कैल्सियम आक्साइड को अनबुझा चूना कहा जाता है।
246- PVC का पूर्ण रुप पाली विनाइल क्लोराइड है।
247- आधुनिक आवर्त सारणी में 4 और 5 आवर्त में से प्रत्येक में दो उपधातु होती है।
248- पानी एक तत्व नही है।
यह एक रासायनिक पदार्थ है।
249- मेन्डलीफ की आवर्त सारणी में क्षैतिज स्तम्भ को आवर्त कहा जाता है।
250- NO2 का धूम (फ्यूमस) भूरा रंग का होता है।
251- पाँचवे आवर्त में अति धात्विक तत्व रुबीडियम है।
252- साडियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र Na2SO4 है।
253- मेंडलीव की आवर्त सारणी में तत्वों को परमाणु द्रव्यमानों के बढते क्रम में रखा गया है।
254- आधुनिक आवर्त सारणी के समान वर्ग के तत्वों में समान संयोजी इलेक्ट्रान होते हैं।
255- लीथियम नाइट्राइड्स का सूत्र Li3N है।
256- फिटकरी द्विक लवण का उदाहरण है।
257- न्यूलैण्ड्स का अष्टक नियम सिद्धान्त केवल कैल्सियम तक लागू होता था ।
258- हाइड्रोजन तत्व मेंडलीफ की आवर्त सारणी में एक निश्चित स्थान नही पा सका ।
259- सोडियम कार्बोनेट का रासायनिक सूत्र Na2CO3 है।
260- सातवाँ आवर्त 32 तत्वों के साथ अपूर्ण है।
261- सिलिका, हाइड्रोजन फ्लोराइड में घुलनशील है।
262- एक ही समूह में पाये जाने वाले तत्वों के रासायनिक गुण समान होते हैं।
263- कैल्सियम आक्साइड का रासायनिक सूत्र CaO है।
264- एक तत्व का विन्यास 2, 8, 1 है तो इसे तृतीय आवर्त के समूह 1 में शामिल किया जाता है।
265- एल्यूमीनियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र Al2(SO4)3 है ।
266- कीटोन, प्रोपेनोन में कार्यात्मक समूह है।
267- क्लोरीन यौगिक नही है।
268- प्रोपीन डबल बाण्ड यौगिक है।
269- यदि एक लवण का pH मान 12 हो तो यह दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षार का लवण है।
270- अत्यधिक अम्लीय मिश्रण का pH मान 0 होता है।
271- आयनिक यौगिक के क्वथनांक और गलनांक उच्च होते हैं।
272- आक्जैलिक अम्ल एक जैविक अम्ल है।
273- अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं।
274- कैल्सियम हाइड्राक्साइड का सूत्र Ca(OH)2 है।
275- सोडियम, सीजियम, हीलियम तथा फ्रेनसियम में से फ्रेनसियम की आयनीकरण ऊर्जा सबसे कम होती है।
276- वायु, दूध, चीनी का घोल तथा मीथेन शुद्ध पदार्थ (एक ही यौगिक) है।
277- आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 1 में केवल 7 तत्व हैं।
278- हीरे में प्रत्येक केन्द्रीय कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से बंधा रहता है।
279- पानी में एक अम्ल या क्षार का विलय करने को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के नाम से जाना जाता है।
280- सभी धातुयें आघातवर्धनीय और नमनीय हैं तथा उनका क्वथनांक और गलनांक उच्च होता है।
281- सोडियम एक धार धातु है।
282- धातुएं मुक्त अवस्था या संयुक्त अवस्था में प्राप्त होती हैं।
283- साडियम क्षारीय पार्थिव धातु नही है।
284- धातु अपनी वास्तविक स्थिति में मुक्त स्थिति में विद्यमान होती हैं।
285- केरोसीन में पोटैशियम (K) और सोडियम (Na) धातुयें संग्रहीत हैं।
286- प्रतिक्रियाशीलता द्वारा धातु एक दूसरे को उनके अनुसार विस्थापित कर सकते हैं।
287- अधातुयें अम्लीय आक्साइड बनाती हैं, ऋणायन बनाती हैं, विद्युत की कुचालक होती हैं किन्तु अधातुयंb धनायन नहीं बनाती हैं।
288- ब्रोमीन तरल अवस्था में पायी जाने वाली अधातु हैं।
289- सोल्डर मिश्र धातु में टिन होता है।
290- 37, 1, 9, 3, 55 परमाणु संख्याओं के समूह धारीय धातु के समूह हैं।
291- एल्यूमीनियम धातु केवल विद्युत अपघटन द्वारा निकाला जाता है।
292- मिश्र धातु उच्च तापमान पर आसानी से आसानी से आक्सीकरण नही करते हैं।
293- धातुयें तन्य एवं आघातवर्धनीय, उच्च गलनांक एवं क्वथनांक वाली और ताप तथा विद्युत की सुचालक होती हैं।
294- बेकिंग सोडा में जल के अणु अवस्थित नही होते हैं।
295- ताँबा लचीला और कोमल धातु है।
296- मेंडलीव की आवर्त सारणी में लंबरुप स्तम्भों को समूह और क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहा जाता है।
297- अधातुओं का ब्यापक उपयोग खाद में होता है।
298- आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्त 1 में धातुओं को शामिल नही किया गया है।
299- पीतल के घटक ताँबा और जस्ता है।
300- अमोनिया में N2 और H2 के द्रव्यमान हमेशा 14: 3 के अनुपात में होते हैं।
301- एल्यूमीनियम का इलेक्ट्रानिक विन्यास 2, 8, 3 है।
302- जिप्सम को गर्म करने पर प्लास्टर आप पेरिस प्राप्त किया जाता है।
303- आधुनिक आवर्त सारणी में सात उपधातुयें हैं।
304- जलयोजिक कापरसल्फेट का रासायनिक सूत्र CuSO4.5H2O है।
305- आधुनिक आवर्त सारणी में बाँयी ओर उपस्थित इकलौती अधातु हाइड्रोजन है।
306- ताँबा, प्लैटिनम, लोहा एवं पोटैशियम मे से केवल प्लैटिनम अपनी मूल स्थिति में मिलता है।
307- क्लोरीन अधातु है।
308- अयस्क से धातुओं को निकालने की प्रक्रिया को धातु कर्म कहते हैं।
309- कैलीफोर्नियम एक्टीनाइड श्रेणी का सदस्य है।
310- एल्यूमीनियम धातु का निष्कर्षण इलेक्ट्रोलाइसिस द्वारा किया जाता है।
311- दियासलाई की नोंक में लाल फास्फोरस लगा होता है।
312- मुख्य रुप से तीन प्रकार के ऊर्वरक होते हैं, जिन्हें नाइट्रोजन, फास्फेट तथा पोटाश कहतें हैं।
313- पोटाश उर्वरक पोटैशियम से प्राप्त होता है।
314- प्लास्टर आफ पेरिस का प्रयोग शल्य चिकित्सा में प्लास्टर करने में, साँचे और माडल बनाने में, मूर्तियाँ एवं खिलौने इत्यादि बनाने में किया जाता है।
315- pH पैमाने में 0 से 14 तक अंक होते हैं।
316- जिस विलयन का मान 7 से कम होता है, उसे अम्ल कहा जाता है तथा जिस विलयन का मान 7 से अधिक होता है उसे क्षार कहा जाता है।
317- आक्सीजन एक दहन पोषक गैस है।
दहन के लिये आक्सीजन गैस आवश्यक है।
318- सोडियम कार्बोनेट का धावन सोडा भी कहते हैं।
319- सोडियम कार्बोनेट का रासायनिक सूत्र Na2CO3 है।
320- सिरका में लगभग 6 से 10 प्रतिशत एसिटिक एसिड होता है।
321- सिरके का उपयोग प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रुप में तथा अचार,चटनी आदि बनाने में किया जाता है।
322- गैस के गुब्बारों में हाइड्रोजन गैस की जगह हीलियम गैस का प्रयोग किया जाता है।
323- हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) एक रंगहीन गैस है, जिसमें सड़े अण्डे जैसी गंध आती है।
324- 1847 ई में जेम्स सिम्पसन ने क्लोरोफार्म का निश्चेतक के रुप में प्रयोग किया था।
325- KMnO4 (पोटैशियम परमैगनेट) का प्रयोग रोगाणुनाशी के रुप में किया जाता है।
326- पोटैशियम परमैगनेट का उपयोग गोनोरिया के उपचार में किया जाता है।
इसे लाल दवा के नाम से जाना जाता है।
327- नैफ्थलीन का मुख्य स्त्रोत कोलतार है।
328- ब्यापक रुप से इस्तेमाल किया गया नाइट्रोजनी उर्वरक यूरिया है।
329- यूरिया एक ऐसा उर्वरक है जिसमें नाइट्रोजन की सर्वाधिक मात्रा (46%) पायी जाती है।
330- NaOH सूत्र वाले यौगिक का सामान्य नाम कास्टिक सोडा है।
331- प्लास्टर आफ पेरिस को जल से क्रिया कराने पर उष्मा उत्पन्न होती है और शीघ्रता से जिप्सम में बदलकर जम जाता है।
332- अम्लीय वर्षा में प्रायः सल्फ्यूरि अम्ल अधिक मात्रा में होता है।
333- वृक्षों से प्राप्त किया गया प्राकृतिक रबड़ का बुनायादी रासायनिक निर्माण ब्लाक आइसोप्रीन है।
334- किडनीस्टोन (पथरी) में कैल्सियम आक्जेलेट (CaC2O4) पाया जाता है।
335- साधारण नमक का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड है।
इसका रासायनिक सूत्र NaCl होता है।
इसका प्रयोग भोजन मे स्वाद बढाने में, अचार के परिरक्षण में, मांस-मछली के संरक्षण में प्रयोग किया जाता है।
336- धावन सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट है।
इसका रासायनिक सूत्र (Na2CO3) है।
इसका प्रयोग कपड़ा धोने, काँच के निर्माण में, कास्टिक सोडा व अपमार्जक चूर्ण बनाने में किया जाता है।
337- खाने का सोडा का रासायनिक नाम सोडियम बाई कार्बोनेट है।
इसका रासायनिक सूत्र (NaHCO3) है।
इसका प्रयोग बेकिंग पाउडर, अग्निशमन तथा पेट की अम्लीयता को कम करने में किया जाता है।
338- फिटकरी का रासायनिक नाम पोटैशियम अल्यूमीनियम सल्फेट है।
इसका रासायनिक सूत्र K2SO4Al2(SO4)3.24H2O है।
इसका प्रयोग रंगाई करने में, कटे हुए स्थान से रक्त का रिसाव रोकने में, पानी को शुद्ध करने में किया जाता है।
339- शोरा का रासायनिक नाम पोटैशियम नाइट्रेट है।
इसका रासायनिक सूत्र KNO3 है।
इसका प्रयोग बारुद बनाने में तथा उर्वरक बनाने में किया जाता है।
340- नीला थोथा का रासायनिक नाम कापर सल्फेट है इसका रासायनिक सूत्र CuSO4.5H2O है।
इसका प्रयोग कवकनाशी के रुप में, विद्युत लेपन के रुप में, छपाई के रुप में किया जाता है।
341- किसी मृदा का pH मूल्य उस मृदा में अम्ल एवं क्षार अंश को मापित करता है।
342- कपड़े से स्याही और जंग के धब्बों को मिटाने के लिये आक्जैलिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है।
343- कार्बन और हाईड्रोडन दो ऐसे तत्व है जो बहुत बड़ी संख्या में यौगिक तैयार कर सकते हैं।
344- जानवरों के गोबर को बायोगैस प्लांट के लिये मुख्य कच्चा पदार्थ माना जाता है।
345- ओजोन का सर्वाधिक विनाश क्लोरोफ्लोरोकार्बन में वृद्धि के कारण होता है।
346- वायुमण्डल में ओजोन गैस द्वारा पराबैगनी किरणों का अवशोषण होता है जिससे पराबैगनी किरणें सीधे पृथ्वी पर नही पहुँचती है।
347- पाश्चुरीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें दूध को 630 पर 30 मिनट तक गर्म किया जाता है और फिर शीघ्रता से ठण्डा किया जाता है।
348- ग्लूकोज का आणविक सूत्र C6H12O6 है।
349- शुष्क बर्फ कार्बनडाईआक्साइड का ठोस रुप है।
गैस अग्नि शमन में प्रयुक्त होती है।
350- आग को बुझाने के लिये कार्बनडाई आक्साइड गैस का प्रयोग किया जाता है।
351- रासायनिक दृष्टि से चूने के पानी को कैल्सियम हाइड्राक्साइड कहते हैं जिसका रासायनिक सूत्र Ca(OH)2 है।
352- जिन ग्लिसराइडों का गलनांक 200¬ से कम होता है वे तेल कहलाते हैं, जबकि जिनका गलनांक 200 से ऊपर होता है वे वसा कहलाते हैं।
353- रासायनिक दृष्टिकोण से ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग क्लोरोफार्म तथा क्लोरीन गैस बनाने में भी किया जाता है।
354- क्षारीय मिट्टी में जिप्सम का प्रयोग करके उसे फसल उगाने के उपयुक्त बनाया जाता है।
355- किसी भी ईँधन की गुणवत्ता की माप आक्टेन संख्या से की जाती है।
356- एल पी जी एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन का मिश्रण होता है।
357- एल पी जी के मुख्य अवयव ब्यूटेन तथा आइसो व्यूटेन है।
358- प्राकृतिक गैस में मुख्यतः मेथेन और एथेन गैसें होती हैं जो अपेक्षाकृत हल्की होती हैं।
359- रेयान को पहले कृत्रिम सिल्क कहते थे।
360- पालीथीन एक पालीमर बहुलक है।
361- एथेन का सूत्र C2H6 ,ब्यूटेन का सूत्र C6H10 तथा प्रोपेन का सूत्र C3H6 है।
362- व्यापारिक वैसलीन पेट्रोलियम द्वारा निकाला जाता है।
363-हाइड्रोकार्बन का प्राकृतिक स्त्रोत जीवभार है।
364-टेरीलीन न्यूनतम ज्वलनशील रेशा है।
365- प्लास्टिक एक बहुलक है।
366- हाइड्रोजन आवर्त सारणी का पहला तत्व है।
367- हीरा पारे पर नही तैरता है।
368- N2 में त्रि-आबन्ध होता है।
369- समुद्री जल से जंग सुरक्षा प्रदान करने के लिये नावों का निर्माण टाइटेनियम से किया जाता है।
370- टंगस्टन का गलनांक (34220) सबसे अधिक होता है।
371- इस्त्री (आयरन) में गर्म होने वाला तत्व नाइक्रोम कहलाता है।
372- प्रयोगशाला में तैयार किया गया पहला कार्बनिक यौगिक यूरिया था।
373- आयोडीन की टिंचर में पोटैशियम आयोडाइड में आयोडीन का विलयन प्रयोग किया जाता है।
374- एसिड नीले लिटमस को लाल कर देता है तथा क्षार लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
375- जल अस्थायी कठोरता Ca और Mg के बाइकार्बोनेट की उपस्थिति के कारण होती है।
376- उच्त तुंगता पर पानी कुछ कम तापमान पर ही उबलने लगता है कारण है कि वायुमण्डलीय दाब तुंगता के साथ-साथ घटता है।
377- कोयला कार्बनाइजेशन क्रिया से बनता है।
378- H2O वाष्प श्वेत कापर सल्फेट को नीला कर देता है।
379- पानी और चाक के मिश्रण को अवसादन द्वारा पृथक किया जा सकता है।
380- कोयले के जलने से कार्बनडाइआक्साइड बनती है।
381- यौगिकों के अवयवों को भौतिक व रासायनिक विधियों द्वारा पृथक किया जाता है।
382- आवर्त सारणी के उर्ध्वाधऱ खण्डों को समूह कहा जाता है।
383- सोडियम तत्व का प्रतीक Na है।
384- पारे का रासायनिक सूत्र Hg है।
385- प्रोटीन कार्बनिक यौगिक का उदाहरण है।
386- प्लूटोनियम विकिरण सक्रिय तत्व है।
387- पाइराइट में आक्सीजन की उपस्थिति नही होती है।
388- पृथ्वी के भू पर्पटी मे दूसरा सबसे प्रचुर मात्रा में सिलिकान अथवा सिलिका तत्व होता है।
389- चन्द्रमा की सतह पर पाया जाने वाला तत्व टाइटेनियम है।
390- शक्कर के घोल का तापमान बढाने पर शक्कर की विलेयता बढती है।
391- अमोनियम सल्फेट, अमोनिया तथा तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के मध्य अभिक्रिया से प्राप्त होता है।
392- एल्युमीनियम मुक्त अवस्था अर्थात् खनिज रुप में ही पायी जाती है।
393- एल्युमीनियम के मुख्य खनिज बाक्साइट, फेलस्पार, क्रोमोलाइट आदि हैं।
394- ताँबा और जिंक का मिश्रित रुप पीतल है।
395- पीतल में ताँबा और जिंक का अनुपात गुण के आधार पर अलग-अलग रहता है।
396- ताँबा मुक्त एवं संयुक्त दोनों अवस्था में पाया जाता है।
397- ताँवा का शोधन विद्युत अपघटनी परिष्करण द्वारा किया जाता है।
398- पारद अन्य धातुओं के साथ क्रिया करके धातु अमलगम बनाती है।
399- लोहे में जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है।
400- लोहे पर जंग लगने से लोहे का भार बढ़ जाता है।
401- सोने की शुद्धता कैरेट मे मापी जाती है।
402- 24 कैरेट का सोना शुद्ध सोना होता है ।
403- 18 कैरेट सोने मे शुद्ध स्वर्ण का प्रतिशत निम्नलिखित तरीके से निकालते है - = 75% 404- कांच एक अक्रिस्टलीय ठोस पदार्थ है।
405- सोडियम बाइकार्बोनेट का रासायनिक सूत्र ( NaHCO3 ) है और इसका उपयोग अग्निशामक यंत्र, बेकरी उद्योग तथा प्रतिकारक के रुप में प्रयोग किया जाता है ।
406- पारा का रासायनिक सूत्र ( Hg ) है और इसका उपयोग थर्मामिटर, अमलगम तथा सिंदूर बनाने मे प्रयोग किया जाता है।
407- जिप्सम का रासायनिक सूत्र ( CaSO4.2H2O ) है और इसका उपयोग सिमेंट उद्योग, प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा अमोनियम सल्फेट के निर्माण में, स्वाद के रुप में प्रयोग किया जाता है।
408- प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र [ ( CaSO4 )2.H2O ] है और इसका उपयोग मूर्ति निर्माण एंव शल्य चिकित्सा के रुप में प्रयोग किया जाता है।
409- ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र ( CaOCl2 ) और उसका उपयोग कागज तथा कपड़ों के विरंजन तथा किटाणुनाशक के रुप में प्रयोग किया जाता है ।
410- कैल्शियम ऑक्साइड का रासायनिक सूत्र ( CaO ) है और इसका उपयोग ब्लीचिंग पाउडर बनाने लिए तथा गारे के रुप में प्रयोग किया जाता है।
411- कैल्शियम कार्बोनेट का रासायनिक सूत्र ( CaCO3 ) है और इसका उपयोग टूथपेस्ट, कार्बन डाइऑक्साइड तथा चूना बनाने में प्रयोग किया जाता है।

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